स्वास्थ्य और हमारे खाने वाले आहार का संबंध काफी गहरा है । संतुलित आहार ही अच्छे स्वास्थ्य की नींव है जिसकी कमी के कारण शरीर कमजोर और रोग ग्रस्त हो सकता है अच्छा भोजन सिर्फ शरीर की भूख शांत करने के लिए ही नही होता है यह शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करता है जिससे शरीर अच्छे तरीके से कम करता रहता है । प्रतिदिन हमे ऐसा भोजन लेना चाहिए जिसमें सभी तरह के पोषक तत्व मौजूद हो लेकिन क्या आप जानते है एक ही प्रकार के भोजन में सभी पोषक तत्व मोजूद नही होते है वो हमें अलग अलग चीजो से प्राप्त होते है आइए जानते है कि कोन कोन से तत्व शरीर के लिए जरूरी होते है।

 प्राचीन भाषा में आहार 3 प्रकार की श्रेणियों के माने जाते थे

आहार के प्रकार

सात्विक आहार 2 राजसिक आहार 3 तामसिक आहार

इसी प्रकार आज की चिकित्सीय भाषा मे चिकित्सीय आहार की परिभाषा व संतुलित आहार दोनों एक ही है संतुलित आहार का अर्थ होता है कि वह आहार जो सात्विक राजसिक और तामसिक किसी भी तरह का हो लेकिन शरीर को पर्याप्त ऊर्जा दे उसे संतुलित आहार कहा गया है । संतुलित आहार कई प्रकार के घटकों में मिलकर बनता है जैसे – कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन वसा खनिज और जल इनके बारे में हम विस्तार से पढ़ेंगे।

आहार में पोषक तत्व का चार्ट

1 कार्बोहाइड्रेट

यह शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है यह शरीर को तत्काल ऊर्जा देते है कार्बोहाइड्रेट की शरीर को बहुत ज्यादा जरूरत होती है इसमें विभिन्न प्रकार के टॉर्च और शर्करा शामिल होते हैं । भारतीय भोजन में यह बहुत ही अधिक मात्रा में पाया जाता है क्योंकि यह भारतीय बाजारों में बहुत ही सस्ते खाद्य पदार्थों में पाया जाता है उदाहरण के लिए अनाज का आटा और चावल आदि मै यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

कार्बोहाइड्रेट का प्रयोग शरीर के लिए रोज किया जाना चाहिए लेकिन ज्यादा कार्बोहाइड्रेट का सेवन करने से शरीर में दूसरे पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते हैं और शरीर कमजोर हो जाता है उससे शरीर के रोग ग्रस्त होने की संभावना बहुत ज्यादा हो जाती है इसलिए हमें कार्बोहाइड्रेट का प्रयोग नियमित वह सही मात्रा में ही करना चाहिए।

2 प्रोटीन

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी तत्व होता है प्रोटीन का मुख्य कार्य हमारे शरीर की कोशिकाएं मांसपेशियों और खून में विभिन्न घटकों का निर्माण करना होता है यह हमारे शरीर की विभिन्न प्रकार के संक्रमण से भी सुरक्षा करता है यह मुख्यतः दालों और दूध से बने हुए पदार्थों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है सोयाबीन प्रोटीन का से बड़ा भंडार होता है प्रोटीन का उपयोग ज्यादातर अनेक प्रकार के रोगों की संभावना को कम करने के लिए भी किया जाता है।

3 वसा

हालांकि प्रोटीन हमारे शरीर में जमा नहीं हो सकता है इसलिए इसको रोज भोजन के साथ लिया जाता है प्रोटीन का मुख्य कार्य शरीर को मजबूती प्रदान करना पड़ता है और यह बच्चों के लिए बहुत ही ज्यादा आवश्यक है बढ़ते बच्चों के खानपान में प्रोटीन की सही मात्रा नहीं होने पर उन्हें कई प्रकार के रोगों का सामना करना पड़ता है प्रोटीन में एक प्रकार का एसिड होता है अमीनो जोकि मस्तिष्क को संकेत देता है कि हमारे को शांत हो चुकी है अगर यह खाने में प्रचुर मात्रा में हो तो शारीरिक विकास बहुत ही जल्दी होता है

वसा भी हमारे शरीर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व हैं प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट हमारे शरीर में जमा नहीं हो सकते हैं उसके विपरीत वसा हमारे शरीर में जमा हो सकती है इससे यह इन दोनों तत्वों की अपेक्षा दुगनी उर्जा की आपूर्ति शरीर को करती है वसा हमारे शरीर के खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को प्रभावित करती है लेकिन यह धारणा गलत है कि हर प्रकार की वसा खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा में वृद्धि करती है।

कोलेस्ट्रोल को खून में बहने वाली चर्बी भी कहा जाता है मोटे लोगों के खून में पतले लोगों की अपेक्षा कोलेस्ट्रोल की मात्रा अधिक होती है वैसे कोलेस्ट्रोल कोशिकाओं का बहुत ही आवश्यक घटक है किंतु इसकी मात्रा बढ़ जाने पर शरीर रोग ग्रस्त हो जाता है कोलेस्ट्रोल के अभाव में कोशिकाएं अपना कार्य नहीं कर पाती है हमारा शरीर स्वस्थ अवस्था में इसका निर्माण स्वयं ही करता है यह आंतों और यकृत में बनता है जिन पदार्थों से इसके बनने का कार्य होता है वह शरीर में ज्यादा पहुंच जाने पर यहां शरीर में अतिरिक्त चर्बी के रूप में जमा हो जाता है और फिर शरीर दिल की बीमारी हो और लकवा जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है।

वसा का मुख्य स्रोत सूरजमुखी मकई और बिलोने का तेल होता है यह कई प्रकार की सब्जियों में भी विद्यमान रहता है सूअर का मांस केकड़े का मांस मक्खन और मलाई युक्त दूध में इस की प्रचुर मात्रा पाई जाती है।

कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन और वसा हमारे शरीर के लिए आवश्यक तत्व है किंतु कुछ ऐसे शरीर के लिए जरूरी तत्व भी है जिन की मात्रा संतुलित आहार के अपेक्षाकृत बहुत कम होती है लेकिन वह शरीर के लिए आवश्यक होते हैं।

4 विटामिन

विटामिन और खनिज हमारे शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण तत्व है लेकिन इनका अनुपात बड़े पोषक तत्व कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन और वसा की अपेक्षा बहुत ही कम होता है इसलिए इन्हें सूक्ष्म पोषक तत्व भी कहा जाता है।

विटामिन का मुख्य काम कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन और वसा को ऊर्जा वह कार्बन डाइऑक्साइड वह जल में परिवर्तित करने का होता है। यह भी सत्य है कि विटामिन कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन वह वसा की अनुपस्थिति में अयोग्य हो जाते हैं इसलिए भोजन के साथ साथ सिर्फ इन पर निर्भर रहना आवश्यक नहीं है। विटामिंस को मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है उनमें से एक जल विलय विटामिन और दूसरा होता है वसा विलेय विटामिन

विटामिन की कमी से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती है जैसे आंखों की ज्योति का कम होना हड्डियों का कमजोर होना पाचन शक्ति का कमजोर होना वह हड्डियों का मुड़ना प्रमुख है विटामिन शब्द वीटा का अर्थ होता है जीवन आज के समय में 20 प्रकार के विटामिनों के बारे में ज्ञात हो चुका है लेकिन उनमें से महत्वपूर्ण विटामिन ए बी और सी डी है।

विटामिन ए

एक की कमी से आंखों की रोशनी कमजोर हो जाती है यह हमें कई प्रकार के संक्रामक रोगों से भी बचाता है साथ ही यह त्वचा व आंखों से संबंधित कई प्रकार की बीमारियों से बचाव का एक अच्छा साधन भी है यह हमें दूध घी मक्खन पनीर मछली अंडा व कई प्रकार की सब्जियों से प्राप्त होता है गाजर इसका एक बहुत ही अच्छा स्त्रोत है।

विटामिन बी

इसमें कई प्रकार के जल विलेय विटामिन होते हैं इनमें से प्रमुख विटामिन b1 विटामिन B2 विटामिन B3 विटामिन B12 प्रमुख है। यह हमें मक्खन दूध पनीर और मीट से प्राप्त होते हैं वह यह कई प्रकार की सब्जियों में भी पाए जाते हैं यह शरीर में एक तरह से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं।

विटामिन सी ( एस्कॉर्बिक अम्ल )

यह एक बहुत ही उपयोगी विटामिन है यह ज्यादातर कच्चे फलों जैसे आंवला नींबू संतरा मौसंबी आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है यह टमाटर नाशपाती के ले व अन्य सब्जियों में भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसकी कमी है विटामिन सी एक प्रकार के रोग स्कर्वी मैं बहुत ही ज्यादा लाभदायक है यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी संतुलित रखता है यह शरीर में प्रतिरोधक क्षमता का विकास करने में भी सहायक होता है।

विटामिन डी

इस विटामिन की कमी से रिकेट नाम की भयंकर बीमारी भी हो सकती है चिप में हड्डियों की कमजोरी शामिल है विशेष रुप से यह बच्चों को ज्यादा प्रभावित करती है विटामिन डी का सबसे बड़ा स्रोत सूर्य की रोशनी होती है इसमें प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा करके सूर्य की रोशनी लेने से इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा दूध तथा दूध से बने हुए पदार्थों के सेवन से भी इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है यह हड्डियों को मजबूत करते हैं। इन विटामिनों के अलावा हमारे शरीर को विटामिन ई और विटामिन के के साथ साथ अन्य कुछ विटामिनों की भी आवश्यकता होती है

5 खनिज (मिनरल)

मानव शरीर में असंख्य तरह के खनिज होते हैं जो सभी अलग-अलग तरीके से काम करते हैं मानव शरीर में 4% भाग खनिज का ही होता है इनमें पोटेशियम गंधक कैल्शियम और लौह तत्व आदि अनेक प्रकार के खनिज हमारे शरीर में उचित तरीके से कार्य करते हैं जैसे कैल्शियम हमारी हड्डियों को मजबूती देता है। उसी प्रकार लोह तत्व भी हमारे खून में पाया जाता है चूने में कैल्शियम खनिज पाया जाता है तो पोटेशियम की कमी को शरीर में पूरा करने के लिए हरी ताजी सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है खनिज पदार्थों मैं लवण नमक का भी बहुत बड़ा योगदान है यह रक्तचाप को स्थिर रखता है वहां लवण की कमी से हमें घेंघा रोग रोग भी हो सकता है

6 जल

कोई भी आहार जल के बिना अपूर्ण माना जाता है शरीर के भार का 70 प्रतिशत भार जल का होता है भोजन के पाचन व अवशोषण के लिए जल का बहुत ही ज्यादा महत्व है शरीर में होने वाली सभी प्रकार की रासायनिक क्रियाओं में जल का होना आवश्यक है शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम भी जल का ही होता है जो आंसू पसीना मूत्र के रूप में अवशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है अगर शरीर में जल की कमी हो जाए तो निर्जलीकरण होने से शरीर बहुत ही ज्यादा कमजोर हो जाता है एक सामान्य व्यक्ति को प्रतिदिन 8 लीटर पानी पीना चाहिए जो कि उसके शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी है।

स्वस्थ जीवन के लिए आहार की उपयोगिता

स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार की उपयोगिता बहुत ज्यादा है क्योंकि संतुलित आहार के बिना हमारा शरीर रोग ग्रस्त हो सकता है और संतुलित आहार करके ही हमारे शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है इसलिए स्वस्थ जीवन में संतुलित आहार की बहुत बड़ी भूमिका होती है

संतुलित आहार की कमी से होने वाले रोग

संतुलित आहार की कमी से हमारे शरीर में कई रोग हो सकते हैं जिनमें कुपोषण सबसे ज्यादा होता है जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती है और शरीर झुक जाता है आदमी समय से पहले ही बूढ़ा दिखाई देने लगता है और वह हमेशा किसी न किसी रोग से जूझता रहता है इनमें हड्डियों का कमजोर होना आंखों का कमजोर होना पाचन शक्ति का कमजोर होना और रक्त संबंधी विकार शामिल है

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